कमर
2 एक्सरसाइज़
कमर को कैसे ट्रेन करें
कमर की मसल्स दिखाने वाली मसल्स नहीं हैं: बाक़ी सब हिलता-डुलता है, तब ये रीढ़ को स्थिर रखती हैं। इन्हें ज़मीन पर लेटकर की जाने वाली एक्सटेंशन और ब्रिज से ट्रेन किया जाता है — कभी झटके से नहीं, और कमर के आर्च को ज़बरदस्ती बढ़ाए बिना। यहाँ बात मात्रा की नहीं, क्वालिटी की है, और वज़न की तो बिल्कुल नहीं।
यहाँ एक्सरसाइज़ वीडियो के साथ है, तरीके और आम गलतियों के साथ। रेप्स कम, मूवमेंट कंट्रोल में, और साँस लगातार चलती रहे। धीरे ऊपर उठिए, एक पल रुकिए, उसी ठहराव के साथ नीचे आइए — जैसे ही झटका आया, ये कमर की एक्सरसाइज़ नहीं रही, एक चाबुक बन गई। और अगर बाद में वो हिस्सा ट्रेन हुआ कम और लदा हुआ ज़्यादा लगे, तो आप या तो बहुत ऊपर उठे या बहुत तेज़।
2007 से हम आपको जहाँ चाहें, जैसे चाहें और जब चाहें ट्रेनिंग देते आए हैं — पूरे पेशेवर अंदाज़ और जुनून के साथ। हमारा ऐप डाउनलोड कीजिए और आज ही शुरुआत कीजिए।
हमारी ऐप डाउनलोड करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कमर में दर्द हो तो ट्रेन कर सकते हैं?
- अगर दर्द तेज़ है तो नहीं — पहले डॉक्टर से पूछिए। अगर बैठने-उठने की पोज़िशन से होने वाली अकड़न है, तो हल्की एक्सटेंशन मदद करती हैं।
- कितनी बार?
- हफ़्ते में दो-तीन बार, पेट की एक्सरसाइज़ के बाद।
- धड़ कितना ऊपर उठाएँ?
- थोड़ा ही: कुछ सेंटीमीटर काफ़ी हैं — न आगे देखिए, न गर्दन से ज़ोर लगाइए।

