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कंधे

4 एक्सरसाइज़

कंधों को कैसे ट्रेन करें

कंधे उठाने और पुश करने वाली मूवमेंट से लगते हैं: लैटरल रेज़, फ्रंट रेज़, नब्बे डिग्री वाली रेज़ और सिर के ऊपर प्रेस — डंबल, बैंड या सिर्फ़ बॉडीवेट से। डेल्टॉइड के तीन हिस्से हैं, अगला, पार्श्व और पिछला, और हर हिस्से को अपना एंगल चाहिए: किसी एक रेज़ से पूरा कंधा कभी कवर नहीं होता, एंगल बदलते ही काम दूसरे हिस्से के पास चला जाता है।

यहाँ एक्सरसाइज़ वीडियो के साथ हैं: करने का तरीका, आम गलतियाँ और लगने वाली मसल्स। वज़न हल्का, कोहनियाँ थोड़ी ढीली, और धड़ से झटका बिल्कुल नहीं। वज़न उठाने और मसल ट्रेन करने का फ़र्क जितना यहाँ दिखता है, उतना कहीं नहीं: अगर शरीर आगे-पीछे झूल रहा है, तो कंधा एक्सरसाइज़ कर नहीं रहा, बस उसके साथ चल रहा है।

बर्पीस – कंधे
बर्पीस
डंबल फ्रंट रेज – कंधे
डंब-बेल
डंबल फ्रंट रेज
पार्श्व प्लैंक – तिरछे
पार्श्व प्लैंक
साइड प्लैंक रोटेशन – तिरछे
साइड प्लैंक रोटेशन

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लैटरल रेज़ के लिए कितना वज़न लूँ?
हल्का। अगर धड़ से झटका देना पड़ रहा है, तो वज़न ज़्यादा है।
कंधों की जगह गर्दन में लगता है, क्यों?
आप कंधे कानों की तरफ़ उठा रहे हैं। पूरे मूवमेंट में उन्हें नीचे रखिए।
हफ़्ते में कितनी बार?
दो बार। छाती और पीठ की एक्सरसाइज़ में कंधे पहले ही लग जाते हैं।