छाती
17 एक्सरसाइज़
छाती को कैसे ट्रेन करें
छाती दो तरह की मूवमेंट पर काम करती है: पुश करना और अंदर की तरफ़ दबाना। पुशअप के सारे वेरिएशन, डंबल प्रेस और फ्लाई — बस धड़ का एंगल और हाथों की चौड़ाई बदलिए, और ऊपरी, मध्य और निचली छाती अलग-अलग लगने लगती है। हर ज़ोन के लिए अलग मशीन नहीं, हाथ सरकाना ही काफ़ी है।
यहाँ हर एक्सरसाइज़ वीडियो के साथ है: करने का सही तरीका, आम गलतियाँ और उसमें लगने वाली मसल्स — शुरुआत करने वालों के लिए घुटनों वाले पुशअप से लेकर एक्सप्लोसिव वेरिएशन तक। एक बात हमेशा याद रखिए: कंधे के ब्लेड पीछे और नीचे, कोहनियाँ ज़्यादा बाहर नहीं, और नीचे आते वक़्त पूरा कंट्रोल — सही हो तो सीने के बीच खिंचाव महसूस होता है। ख़ुद को गिरने देकर झटके से उठे, तो आधा काम छाती करती है, आधा कंधे।
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हमारी ऐप डाउनलोड करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- क्या बेंच के बिना छाती ट्रेन हो सकती है?
- हाँ। पुशअप और उसके वेरिएशन कई महीने काफ़ी हैं; एक स्टेप या दो कुर्सियाँ बेंच का काम कर देती हैं।
- छाती हफ़्ते में कितनी बार?
- दो बार, और दोनों सेशन के बीच कम से कम 48 घंटे का आराम।
- छाती की जगह कंधों में लगता है, गलती कहाँ है?
- कोहनियाँ बहुत बाहर खुली हैं। उन्हें धड़ से करीब 45 डिग्री पर लाइए और पुश करने से पहले कंधे के ब्लेड दबा लीजिए।
















